रांची: राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने और विधायकों को एकजुट रखने के लिए विभिन्न दल अपने-अपने विधायकों को होटलों में ठहराने की तैयारी कर रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने पहले ही अपने विधायकों को रांची स्थित एक होटल में ठहरा दिया है, जबकि कांग्रेस विधायकों को भी होटल में शिफ्ट किया गया है.
मुख्यमंत्री आवास पर अहम बैठक
राज्यसभा चुनाव को लेकर इंडिया गठबंधन के सभी विधायक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर बैठक की. इस दौरान चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई जाएगी और विधायकों को मतदान प्रक्रिया से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी गयी.
जीत के लिए चाहिए 28 प्रथम वरीयता वोट
18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में किसी उम्मीदवार को जीत हासिल करने के लिए कम से कम 28 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत होगी. झारखंड विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जबकि एनडीए के खाते में 24 विधायक हैं.
इस चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से प्रणव झा मैदान में हैं. दूसरी तरफ भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी भी चुनावी मुकाबले में शामिल हैं.
परिमल नथवानी की संभावनाओं पर उठे सवाल
सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं का दावा है कि एनडीए के पास निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी को जिताने के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं है. झामुमो नेताओं ने यह भी दावा किया है कि विपक्षी गठबंधन के कुछ विधायक उनके संपर्क में हैं और चुनाव में क्रॉस वोटिंग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
विधानसभा में दोनों गठबंधनों की स्थिति
झारखंड विधानसभा में एनडीए के कुल 24 विधायक हैं. इनमें भाजपा के 21 विधायक शामिल हैं, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), आजसू और जदयू के एक-एक विधायक हैं. इसके अतिरिक्त झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का भी एक विधायक एनडीए के साथ माना जाता है.
वहीं, इंडिया गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जिनमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा-माले के 2 विधायक शामिल हैं. इसी मजबूत संख्या बल के आधार पर गठबंधन राज्यसभा की दोनों सीटों पर जीत का दावा कर रहा है.













