कांग्रेस ने नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही देरी के मुद्दे को लेकर देशव्यापी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू करने की घोषणा की है. पार्टी के अनुसार यह अभियान 40 दिनों तक चलेगा और देश के 28 प्रमुख शहरों में छात्रों, नौकरी के अभ्यर्थियों, कोचिंग संस्थानों, कॉलेज परिसरों, पुस्तकालयों और युवा संगठनों के बीच चलाया जाएगा. इसी क्रम में गुरुवार को विभिन्न शहरों में कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अभियान की रूपरेखा साझा की.
कोटा से हुई अभियान की शुरुआत
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा से इस अभियान का शुभारंभ किया है. उनके अनुसार, यह पहल युवाओं के बीच तेजी से चर्चा का विषय बन रही है. जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक तथा परीक्षा विवादों ने छात्रों का विश्वास कमजोर किया है. उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं.
एनटीए की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
दिल्ली स्थित संविधान क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं. उनका कहना था कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को पारदर्शिता और सुधार के उद्देश्य से बनाया गया था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यह छात्रों के लिए चिंता और तनाव का कारण बन गई है.
परीक्षा घोटालों को लेकर कांग्रेस का दावा
गौरव गोगोई ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में देशभर में 89 से अधिक पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के मामले सामने आए हैं. उनके अनुसार, अब तक इन मामलों के पीछे मौजूद बड़े नेटवर्क, कथित सरगनाओं या उन्हें संरक्षण देने वाले लोगों की पहचान नहीं हो सकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई प्रायः निचले स्तर के लोगों तक सीमित रही है, जबकि मुख्य आरोपी कानून की पकड़ से बाहर रहे हैं. उन्होंने NEET-UG 2026 से जुड़े विवाद को परीक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता बताया.
अभियान की प्रमुख गतिविधियां
30 जून से देश के 28 शहरों में पर्चा वितरण, छात्र संपर्क अभियान और नुक्कड़ बैठकों का आयोजन.
जुलाई भर कॉलेज परिसरों में छात्र संवाद, कैंपस आउटरीच और अंबेडकर संवाद जैसे कार्यक्रम.
1 अगस्त 2026 को सभी 28 शहरों में कलेक्टरेट घेराव.
9 अगस्त 2026 को ‘दिल्ली चलो’ आह्वान के साथ अभियान के प्रथम चरण का समापन, जिसमें देशभर के छात्र अपनी मांगों और समस्याओं को सरकार के समक्ष रखने के लिए एकजुट होंगे.













