रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. आयोग के तीनों सदस्यों डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. एक साथ तीनों सदस्यों के इस्तीफे के बाद JPSC की कार्यप्रणाली और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
बताया जा रहा है कि तीनों सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने में अब करीब एक महीने का समय ही शेष था. ऐसे में कार्यकाल पूरा होने से ठीक पहले सामूहिक इस्तीफे को महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है.
CID ने पूछताछ के लिए भेजा था नोटिस
तीनों JPSC सदस्यों को CID की ओर से पहले ही पूछताछ के लिए नोटिस भेजे जाने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, अब सदस्यों के इस्तीफा देने के बाद जांच को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.
CID किन मामलों और किन बिंदुओं को लेकर तीनों सदस्यों से पूछताछ करना चाहती थी, इस संबंध में फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. आने वाले दिनों में जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी.
कार्यकाल खत्म होने से पहले सामूहिक इस्तीफा
JPSC के तीनों सदस्यों का कार्यकाल अब लगभग एक महीने बाद समाप्त होने वाला था. इसके बावजूद तीनों का एक साथ पद छोड़ना चर्चा का विषय बन गया है.
JPSC में सदस्यों की भूमिका राज्य में होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रिया के संचालन में महत्वपूर्ण होती है. ऐसे में तीन सदस्यों के एक साथ इस्तीफे से आयोग की आगामी कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.
छात्र आंदोलन के बीच इस्तीफे से बढ़ी सियासी हलचल
JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है.
छात्र संगठनों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है. इसी बीच JPSC के तीनों सदस्यों के इस्तीफे ने पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है.













