ओरमांझी: झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में खनन विभाग की टास्क फोर्स ने शनिवार को ओरमांझी के चुटुपालू घाटी स्थित खिराबेरा क्षेत्र में अवैध स्टोन क्रशरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की. प्रशासन की संयुक्त टीम ने कुल 19 क्रशर इकाइयों की जांच की. जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 11 क्रशर संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया, जबकि 8 क्रशरों को सील किया गया.
आवश्यक दस्तावेज नहीं कर सके प्रस्तुत
संयुक्त जांच के दौरान क्रशर एवं पत्थर खनन इकाइयों के संचालकों से खनन पट्टा, अनुज्ञप्ति और अन्य वैधानिक अनुमतियों से संबंधित दस्तावेज मांगे गए. हालांकि, कई संचालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके. इसके बाद प्रशासन ने नियमों के तहत कार्रवाई की.
यह कार्रवाई झारखंड हाईकोर्ट में अरुण कुमार राय बनाम झारखंड स्टेट एवं अन्य मामले में 6 अगस्त 2026 को पारित आदेश तथा खान एवं भूतत्व विभाग के 20 अगस्त 2026 के आदेश के आलोक में की गई. जांच समिति ने क्षेत्र में संचालित खनन एवं क्रशर इकाइयों का भौतिक सत्यापन भी किया.
इन क्रशरों पर चला बुलडोजर
प्रशासन द्वारा ध्वस्त की गई क्रशर संरचनाओं में बसंत मेहता, मनोज महतो, आशुतोष कुमार सिंह, सुरेंद्र सिंह, दिलीप कुमार, कुलदीप मेहता, अरुण सिंह, अजय सिंह, दुबराज महतो, सुबोध गुप्ता और हरे कृष्ण शर्मा के क्रशर शामिल हैं.
वहीं दीपक मेहता, भोलेश्वर महतो, अरविंद सिंह, नवरत्न माइंस, राजकुमार सिंह के सिंह स्टोन चिप्स, एम/एस बिगल कुमार महतो, योगेश सिंह और सत्येंद्र कुमार अग्रवाल के क्रशरों को सील किया गया.
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
कार्रवाई के दौरान ग्रामीण पुलिस अधीक्षक गौरव गोस्वामी, अपर समाहर्ता राम नारायण सिंह, झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रामप्रवेश कुमार, सिया के कृति अभिषेक, अंचलाधिकारी उज्ज्वल सोरेन, थाना प्रभारी मनोज कुमार समेत पुलिस बल मौजूद रहा.
जिला खनन पदाधिकारी अबु हुसैन ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के तहत कार्रवाई की गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि चुटुपालू घाटी में अवैध क्रशर और अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.
एक नजर में
कुल क्रशरों की जांच: 19
ध्वस्त किए गए क्रशर: 11
सील किए गए क्रशर: 8
कार्रवाई का आधार: झारखंड हाईकोर्ट का आदेश और खान एवं भूतत्व विभाग का निर्देश













