पटना: बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क और वार्डवार भ्रमण कर रहे स्थानीय विधायक प्रशांत किशोर ने निजी स्कूलों की फीस और अभिभावकों से लिए जाने वाले अतिरिक्त शुल्क को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बांकीपुर में बड़ी संख्या में बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ते हैं और अभिभावकों पर फीस के नाम पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. अब निजी स्कूलों की इस कथित मनमानी पर लगाम लगाने की दिशा में काम किया जाएगा.
प्रशांत किशोर ने कहा कि निजी स्कूल संचालकों और प्रबंधन के साथ बैठक कर फीस व्यवस्था पर बातचीत की जाएगी. उनका दावा है कि अगले शैक्षणिक सत्र में अभिभावकों को मौजूदा साल की तुलना में कम फीस का लाभ दिलाने की कोशिश की जाएगी.
निजी स्कूलों की फीस पर PK का सीधा वार
बांकीपुर विधायक ने कहा कि निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों से अलग-अलग मदों में शुल्क लिया जाता है. कभी री-एडमिशन तो कभी ड्रेस और अन्य चीजों के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूली जाती है.
उन्होंने कहा कि जनवरी या मार्च में री-एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से अधिक पैसे लेने की व्यवस्था में बदलाव लाने का प्रयास नवंबर तक किया जाएगा. उनका कहना है कि स्कूल संचालकों के साथ बातचीत करके ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश होगी, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव न पड़े.
‘अगले साल फीस इस साल से कम होगी’
प्रशांत किशोर ने अभिभावकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि अगले वर्ष निजी स्कूलों की फीस मौजूदा वर्ष के मुकाबले कम कराने की दिशा में काम किया जाएगा. उन्होंने कहा कि स्कूल चलाने वाले लोगों के साथ बैठक होगी और फीस को लेकर व्यावहारिक व्यवस्था तैयार की जाएगी.
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनका लक्ष्य केवल फीस कम कराना नहीं, बल्कि बांकीपुर में बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है.
सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने निजी स्कूलों की फीस के साथ-साथ सरकारी स्कूलों की स्थिति पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बहुत से बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं, लेकिन वहां शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर गंभीर समस्याएं हैं.
उनके मुताबिक कई सरकारी स्कूलों में बच्चों का नाम तो दर्ज है, लेकिन पढ़ाई की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है. उन्होंने शिक्षकों, कक्षाओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी का भी मुद्दा उठाया.
अगले दशहरा तक सरकारी स्कूलों में सुधार का दावा
बांकीपुर विधायक ने सरकारी स्कूलों को लेकर एक साल की समयसीमा भी तय की. उन्होंने कहा कि अगले साल दशहरा से पहले बांकीपुर क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि यह बदलाव एक-दो दिन में नहीं आएगा, लेकिन एक साल के भीतर शिक्षा व्यवस्था में स्पष्ट सुधार दिखाई देना चाहिए.
‘सुधार नहीं हुआ तो प्राइवेट स्कूल की फीस की चिंता मत करना’
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर के लोगों से कहा कि अगर अगले साल दशहरा तक सरकारी स्कूलों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होता है, तो गरीब परिवार अपने बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिला सकते हैं और फीस की चिंता उन्हें करने दी जाए.
उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य है कि 2027 के अंत तक बांकीपुर बिहार का ऐसा विधानसभा क्षेत्र बने, जहां हर परिवार के बच्चे को अच्छी शिक्षा की सुविधा उपलब्ध हो.
गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर भी फोकस
प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षा को लेकर उनका फोकस केवल निजी स्कूलों की फीस नियंत्रित करने तक सीमित नहीं रहेगा. गरीब परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना भी उनकी प्राथमिकता होगी.
अब देखने वाली बात यह होगी कि निजी स्कूल प्रबंधन के साथ प्रस्तावित बैठक में क्या सहमति बनती है और फीस को लेकर प्रशांत किशोर के दावों को जमीन पर कितना अमल मिल पाता है.













